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अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद
 

प्राकृतिक चिकित्सक बने

आचार्य विनोबा भावे के छोटे भाई श्री बालकोवा भावे के द्वारा सन् 1946 में स्थापित गांधी संस्थान से अपना भविष्य निखारे संस्था के द्वारा साढ़े तीन वर्षीय डी एन वाय एस (DNYS) कोर्स द्वारा एक सफल चिकित्सक के रूप में सेवा कार्य कर जन कल्याण का कार्य करे।

सूचना-संदेश
25-12-2016

माननीय सहयोगी, विदत हो कि दिनांक 18 दिसम्बर 2016 को रायपुर में हुई कार्यकारणी बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से डॉ. आर. एस. डबास को अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद् की परिक्षा संबधी समिति का अध्यक्ष चुन लिया गया है। माननीय अध्यक्ष केयूर भूषण जी ने कार्यकारणी के उपस्थित सदस्यों के साथ कार्यालय अधीक्षक श्री गजेन्द्र नेगी को इस बारे में निर्देश दिये कि अब परिक्षा संबधित सभी कार्यवाही श्रीमान् डबास के दिशा निर्देश में करायी जाएगी। श्री डबास ही परिक्षा केन्द्र दिये जाने के लिए अध्ययन केन्द्र को सुनिश्चित करेगें। वर्तमान महासचिव अवधेश मिश्रा का कार्यकाल के बचे हुए दो माह में समाप्त होने वाला है अतएव अध्यक्ष जी ने कहा कि वो इस बारे डॉ. डबास के द्वारा बनायी गयी नीति निर्देशों के अनुसार ही कार्य करें। इस तरह वर्तमान में ऑन लाईन दाखिलें की प्रक्रिया में सीधे विद्याार्थी द्वारा अवधेश मिश्रा के एकल केन्द्र योग नेचर में लिऐ जाना बंद कर दिया गया है। सभी केद्र पूर्ववर्ती तरीके से अपने विद्यार्थी को दाखिला प्रपत्र लेकर राजघाट में भेजेंगें। कार्यवाही में पूरे देश के प्रतिनिधि सदस्यों ने भाग लिया। डॉ. डबास ने सभी प्राकृतिक चिकित्सा प्रेमी और संबधता प्राप्त संस्थाओं से इस बाबत अपने विचार तथा कमिटी में सदस्य बनने के लिए संपर्क करने के लिए आग्रह किया है। उनका संपर्क - दूरभाष 9811098160 तथा ईमेल rsdawas@gmail.com है। इच्छुक चिकित्सक अविलंम्ब सपर्क करे। भवदीय विनोद पाठक, सचिव डॉ. अतुल कुमार, सचिव बीडी शिन्द्रे, क्षेत्रिय सचिव उपस्थित सदस्यों में स्वामी शंकरानन्द सरस्वती, हरियाणा श्री नामदेव , छत्तीसगढ़ श्री टाकू, जम्मू श्री बडगूजर, गुजरात प्रभात भूषण, संपादक परिषद् प्रभा प्रबोध चंदेल बैंक में अधिकृत हस्ताक्षर कर्ता नामित सहमति में श्री बसन्त सेन, मणिपुर मीनाक्षी शर्मा, उत्तराखण्ड श्री सुरेन्द्र, हिमाचल प्रदेश श्री शिवरात शर्मा, राजस्थान


चिकित्सा एवं योग में उपाधि-पत्र
प्रचलित पाठ्यक्रम
  1. C.E.N.Y. (6 माह )
  2. C.N.Y.T. (एक वर्षीय)
  3. D.N.Y.S. (3 वर्षीय व छह माह का कार्य)
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"चांदी और सोने के टुकड़े नहीं, स्वास्थ्य ही वास्तविक धन हैं। एक रोगग्रस्त व्यक्ति की व्यक्तिगत प्रयास से ही अच्छे होने की संभावना हो सकती है वह कभी दूसरों से स्वास्थ्य उधार नहीं ले सकता।"
Mahatma Ghandhi (बापूजी)

सदगीपूर्ण व दिव्य जीवन शैली

अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद का मुख्य उद्देश्य शिक्षित नागरिकों के माध्यम से प्राकृतिक एवं योग चिकित्सा के वैज्ञानिक ज्ञान का प्रचार-प्रसार करना है। हमारी योजना अच्छे स्वास्थ्य के लिए गांधीवादी विचारों को समाहित करते हुये कुदरती उपचार व योग के सिद्धान्तों को पूरे विश्व में समाज के अन्तिम छोर तक पहुँचाना है।

Founder President

Balkoba Bhave Our institute is a Gandhiyan institute which had Estb in 1946 as per the instruction and guidance of Babuji by Shri Vinoba Bhawe and the first president to this was Shri Balko ba Bhave, younger brother to Shri Vinoba Bhave.

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History of Istitution

राजघाट गोधीवादी दर्शन की एक अग्रणी संस्थान है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के उन 21 स्वपनीय कार्य में से एक है, जिन्हे वे हकीकत मे होता देखना चाहते थे। अपने पंच तत्व और रामनाम के अचुक उपचार प्रक्रिया के कारण प्रकृति द्वरा उपचार प्रक्रिया के ज्ञान के प्रासार मे समर्पित है। देश के प्रथम राष्ट्रपति बाबूजी व श्री विनोबा भावे के निदेश व मार्गदर्शन में 1946 मे स्थापित यह एक गांधीयन सस्थान है।

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Ask n Answer

क्या संस्थान मान्यताप्राप्त है?

समाज अधिनियम 1860 के तहत हमारा संस्थान एक स्वायत्त निकाय ट्रस्ट द्वारा चलता है।

Artical Up Comming Events News

भारत वर्ष क्या पूरे विश्व में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग अनादिकाल से है ?

हमारे पूर्वजों एवं ऋषि मुनियों के द्वारा समय - समय पर इसके प्रयोग किये परन्तु इस पद्वति का दुर्भाग्य रहा कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के चलते यह पद्धति दबकर रह गई। ....